28 मई से 1जून तक खराब मौसम,आंधी-तूफान एवं वज्रपात की चेतावनी के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने जारी की जनहित एडवाइजरी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ द्वारा दिनांक 28 मई से 1 जून तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आंधी-तूफान, तेज बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली), ओलावृष्टि एवं 50 से 90 किमी/घंटा तक तेज झोंकेदार हवाओं की संभावना व्यक्त करते हुए ऑरेंज एवं रेड अलर्ट जारी किया गया है।जनपद आजमगढ़ में भी मौसम खराब होने की संभावना के दृष्टिगत जिलाधिकारी द्वारा समस्त जनपदवासियों से सतर्क एवं सुरक्षित रहने की अपील की जाती है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार द्वारा जनमानस हेतु अपील एवं विस्तृत मौसम एडवाइजरी (संभावित आंधी-तूफान, तेज वर्षा, वज्रपात एवं खराब मौसम के दृष्टिगत) जारी की गई हैं।माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में जनपद आजमगढ़ में संभावित खराब मौसम, तेज आंधी, वर्षा, वज्रपात, जलभराव एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत जिला प्रशासन पूर्ण सतर्कता एवं सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है तथा आवश्यक बचाव एवं राहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की जनपदवासियों से अपील- प्रिय जनपदवासियों, मौसम विभाग द्वारा आगामी समय में तेज आंधी, बारिश, वज्रपात एवं खराब मौसम की संभावना व्यक्त की गई है। आप सभी से अपील है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपकी सतर्कता एवं सावधानी से किसी भी प्रकार की जनहानि एवं दुर्घटना को रोका जा सकता है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। बच्चों, बुजुर्गों एवं पशुओं की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन अथवा कंट्रोल रूम को सूचना दें। जनहित में जारी। नागरिकों हेतु विस्तृत एडवाइजरी आंधी-तूफान के दौरान सावधानियां- खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों एवं पेड़ों के नीचे खड़े न हों। कच्चे एवं कमजोर मकानों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। घरों की खिड़कियां एवं दरवाजे बंद रखें। छतों पर रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित बांध दें। वाहन धीरे चलाएं एवं अनावश्यक यात्रा से बचें।बिजली के खंभों एवं टूटे तारों से दूर रहें। वज्रपात (बिजली गिरने) से बचाव बारिश एवं गरज-चमक के दौरान मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें। खुले मैदान, तालाब, नदी एवं ऊंचे स्थानों से दूर रहें। पेड़ों के नीचे शरण न लें।धातु की वस्तुओं एवं बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखें। घर में रहें एवं विद्युत उपकरणों के प्लग निकाल दें। खेतों में कार्य कर रहे किसान तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। याद रखें: “जब गरज सुनाई दे, तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं।” तेज वर्षा एवं जलभराव के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। नालों, पुलों एवं तेज बहाव वाले पानी के पास न जाएं। बच्चों को पानी भरे क्षेत्रों में खेलने न दें। पीने के पानी को ढककर रखें एवं उबालकर प्रयोग करें। आवश्यक दवाइयां एवं टॉर्च आदि पहले से तैयार रखें।किसानों हेतु विशेष सलाह मौसम खराब होने की संभावना पर कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। कृषि उपकरण एवं पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधें। खेतों में कार्य करते समय मौसम अपडेट पर नजर रखें। बिजली चमकने पर तुरंत खेत से बाहर निकल जाएं। पशुपालकों हेतु निर्देश पशुओं को खुले स्थानों पर न बांधें। पशुशालाओं की मजबूती सुनिश्चित करें।पशुओं के लिए सूखा चारा एवं स्वच्छ पानी की व्यवस्था रखें। आपातकालीन तैयारी मोबाइल फोन चार्ज रखें। आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित एवं जलरोधक स्थान पर रखें। प्राथमिक उपचार किट तैयार रखें। टॉर्च, बैटरी एवं आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध रखें। प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय। आपातकालीन संपर्क जिला कंट्रोल रूम, आजमगढ़9454417172, 1077 आपातकालीन सेवाएं पुलिस : 112 एम्बुलेंस : 108 अग्निशमन : 101 जिलाधिकारी ने कहा कि “सतर्कता ही बचाव है।” सभी नागरिक स्वयं सुरक्षित रहें तथा दूसरों को भी सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करें। किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में जिला प्रशासन का सहयोग करें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। “सावधानी अपनाएँ, सुरक्षित रहें — आपका सहयोग ही आपदा से बचाव का सबसे बड़ा माध्यम है।” जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आजमगढ़ जनहित में जारी